Same Day Delivery in Delhi 9350849407 T&C
M

IGNOU BSKE-141 Aayurved ke mul adhar - IGNOU Solved Assignment (Latest)

Sale!
1st Choice of IGNOU Students to Score High in IGNOU Exam
[ai_sample_generator]
SKU: N/A Categories: , ,

PLEASE MATCH YOUR ASSIGNMENT QUESTIONS ACCORDING TO YOUR SESSION

IGNOU BSKE-141 (July 2024 – January 2025) Assignment Questions

(क) निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

1. आयुर्वेद के अवतरण पर लेख लिखिए ।
2. स्वस्थ रात्रिचर्या के लिए क्या आहार-विहार होना चाहिए ?
3. शीत ऋतु के अनुसार पथ्य और अपथ्य लिखिए ।
4. प्रमुख उपनिषदों का परिचय कीजिए ।

(ख) लघु उत्तरीय प्रश्न :-

1. आयुर्वेद में स्वास्थय के मूलभूत सिद्धान्त लिखिए ।
2. स्वस्थ दिनचर्या के लिए क्या आहार विहार है स्पष्ट कीजिए ।
3. कठोपनिषद् पर टिप्पणी लिखिए ।
4. वर्षा ऋतु के अनुसार पथ्य और अपथ्य का वर्णन कीजिए ।
5. वात, पित्त और कफ की प्रकृति का वर्णन कीजिए ।

(ग) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :

ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए –

अन्नं न निन्द्यात्, तद्व्रतम् । प्राणों वा अन्नम् । शरीरमन्नादम् । प्राणे शरीरं प्रतिष्ठितम् । शरीरे प्राणः प्रतिष्ठितः । तदेतदन्नमन्ने प्रतिष्ठितम् । स य एतदन्नमन्ने प्रतिष्ठितं वेद प्रतितिष्ठति । अन्नवानन्नादो भवति । महान् भवति प्रजया पशुभिर्ब्रह्मवर्चसेन । महान् कीर्त्या ।
अथवा
भृगुवै वारूणिः, वरूणं पितरमुपससार अधीहि भगवो ब्रह्मेति । तस्मा एतत्प्रोवाच । अन्नं प्राणं चक्षुः क्षोत्रं मनो वाचमिति । तं होवाच । यतो वा इमानि भूतानि जायन्ते येन जातानि जीवन्ति । यत्प्रयन्तभिसंविशन्ति । तद्विजिज्ञासस्व । तद् ब्रह्मेति । स तपोऽतप्यत । स तपस्तप्त्वा ।

 

IGNOU BSKE-141 (July 2022 – January 2023) Assignment Questions

(क) निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिए :-

1. आयुर्वेद का अवतरण पर लेख लिखिए ।
2. स्वस्थ रात्रि चर्या के लिए क्या आहार – विहार है स्पष्ट कीजिए ।
3. शीत ऋतु के अनुसार पथ्य और अपथ्य लिखिए ।
4. प्रमुख उपनिषदों का परिचय कीजिए ।

(ख) लघु उत्तरीय प्रश्न :-

5 आयुर्वेद में स्वास्थय के मूलभूत सिद्धान्त लिखिए ।
6. स्वस्थ दिनचर्या के लिए क्या आहार विहार है स्पष्ट कीजिए ।
7 कठोपनिषद् पर टिप्पणी लिखिए ।
8 वर्षा ऋतु के अनुसार पथ्य और अपथ्य का वर्णन कीजिए ।
9 वात, पित्त और कफ की प्रकृति का वर्णन कीजिए ।

(ग) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :-

ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए –

अन्नं न निन्द्यात्, तद्व्रतम् । प्राणों वा अन्नम् । शरीरमन्नादम् । प्राणे शरीरं प्रतिष्ठितम् । शरीरे प्राणः प्रतिष्ठितः । तदेतदन्नमन्ने प्रतिष्ठितम् । स य एतदन्नमन्ने प्रतिष्ठितं वेद प्रतितिष्ठति । अन्नवानन्नादो भवति । महान् भवति प्रजया पशुभिर्ब्र ह्मवर्चसेन । महान् कीर्त्या ।

अथवा

भृगुवै वारूणिः, वरूणं पितरमुपससार अधीहि भगवो ब्रह्मेति । तस्मा एतत्प्रोवाच । अन्नं प्राणं चक्षुः क्षोत्रं मनो वाचमिति । तं होवाच । यतो वा इमानि भूतानि जायन्ते येन जातानि जीवन्ति । यत्प्रयन्तभिसंविशन्ति । तद्विजिज्ञासस्व । तद् ब्रह्मेति । स तपोऽतप्यत । स तपस्तप्त्वा ।

BSKE-141 Assignments Details

University : IGNOU (Indira Gandhi National Open University)
Title :Aayurved ke mul adhar
Language(s) : Sanskrit
Code : BSKE-141
Degree :
Subject : Sanskrit
Course : Discipline Specific Electives (DSE)
Author : Gullybaba.com Panel
Publisher : Gullybaba Publishing House Pvt. Ltd.
Help
Back to Top $

My Cart

[last_viewed_products limit="4"]

AI Sample Paper

Loading...