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IGNOU BHDC-132 Madhyakalin Hindi Kavita - IGNOU Solved Assignment (Latest)

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IGNOU BAG-BHDC-132 (January 2025 – July 2025) Assignment Questions

भाग – 1

1. रीतिकालीन परिस्थितियों पर प्रकाश डालिए ।

2. भक्ति काव्य के विकास का परिचय दीजिए ।

3. निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणियाँ लिखिए।

(क) धनानन्द
(ख) रामभक्ति शाखा
(ग) भक्तिकाव्य की पूर्व परंपरा

भाग – 2

4. कबीर के व्यक्तित्व का परिचय देते हुए उनके साहित्य की चर्चा कीजिए ।

5. रविदास की भक्ति भावना पर उदाहण सहित प्रकाश डालिए ।

6. निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणियाँ लिखिए ।

(क) जायसी के काव्य में प्रेमतत्व
(ख) मीराबाई के काव्य में छन्द विधान
(ग) सूरदास का जीवन वृत्त

7. रहीम के काव्य के भाव पक्ष की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।

8. तुलसीदास के काव्य के अभिव्यजंना शिल्प का विवेचन कीजिए।

9. निम्नलिखित पद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या लगभग 300 शब्दों में कीजिए ।

“रहीमन अँसुआ नयन ढरि,
जिय दुख प्रगट करेइ |
जाहि निकारो गेह ते,
कस न भेद कहि देइ ||

 

IGNOU BAM-BHDC-132 (January 2025 – July 2025) Assignment Questions

खंड-क

निम्नलिखित प्रष्नों के उत्तर लगभग 800 शब्दों में दीजिएः

1. सगुण भक्ति काव्य की सामान्य विषेषताएं कौन सी है?

2. रीतिकाव्य के नामकरण पर प्रकाष डालिए।

3. निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिए :

(क) वीरकाव्य
(ख) कबीर के राम
(ग) रविदास का जीवन कर्म

खंड-ख

4. कबीर की भाषा और काव्य सौंदर्य पर प्रकाष डालिए।

5. भक्तिकाल में रविदास का स्थान निर्धारित कीजिए।

6. निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिएः

(क) जायसी के काल में लोकजीवन
(ख) गीतिकाव्य धारा

खंड-ग

7. जायसी की भाषा और काव्य सौंदर्य पर प्रकाष डालिए।

8. मीरा और आंडाल की भक्ति भावना का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।

9. निम्नलिखित पद्यांष की संदर्भ सहित व्याख्या लगभग 300 शब्दों में कीजिएः

गढ़ तस बाँक जैसि तोरि काया। परखि देखु तै ओहि की छाया ।।
पाइअ नाहिं जूझ हठि कीन्हें जेइँ पावा तेइँ आपुहि चीन्हें।।
नौ पौरी तेहि गढ़ मँझिआरा।
औ तहँ फिरहिं पाँचकोटवारा दसवँ दुआर गुपुत एक नाँकी अगम चढ़ाव बांट सठि बाँकी ।।
भेदी कोई जाइ ओहि घाटी।
जो लै भेद चढ़े होइं चांटी।।

 

IGNOU BHDC-132 (January 2024 – July 2024) Assignment Questions

भाग-1

1. भक्ति काव्य के शिल्प विधान की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।

2. रीतिकाल के प्रमुख कवियों का परिचय दीजिए ।

3. निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिए:

(क) प्रेममार्गी शाखा
(ख) रीतिकालीन सामाजिक परिस्थिति
(ग) भक्तिकाव्य की पृष्ठभूमि

भाग-2

4. कबीर की सामाजिक चेतना का सोदाहरण विवेचन कीजिए।

5. जायसी के काव्य में निहित प्रेमतत्व के विविध पक्षों पर प्रकाश डालिए ।

6. निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिए:

(क) सूरदास की रचनाएँ
(ख) मीराबाई के काव्य में प्रतीक योजना
(ग) भक्ति आंदोलन और रविदास

भाग-3

7. तुलसी पूर्व रामकाव्य परंपरा का विस्तृत विवेचन कीजिए।

8. रहीम का जीवन परिचय प्रस्तुत करते हुए उनकी रचनाओं का परिचय दीजिए ।

9. निम्नलिखित पद्यांश की संदर्भ सहित व्याख्या लगभग 300 शब्दों में कीजिए:

हेरी म्हा दरद दिवाणी म्हारां दरद न जाणयाँ कोय ।
घायल की गति घाइल जाणै, कितिणा घाण होय ।
जौहरी की गति जौहरी जाणै, क्या जाण्या जिण खोय।
दरद की मारयां दर-दर डोल्यां बैद मिलणाना कोय |
मीरा री प्रभु पीरमिटांगा जब बैद सांवरिया होय ।।

BHDC-132 Assignments Details

University : IGNOU (Indira Gandhi National Open University)
Title :Madhyakalin Hindi Kavita
Language(s) : Hindi
Code : BHDC-132
Degree :
Subject : Hindi
Course : Core Courses (CC)
Author : Gullybaba.com Panel
Publisher : Gullybaba Publishing House Pvt. Ltd.
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