IGNOU BSKC-106 Kavyashastr aur Sahityik Aalochana - IGNOU Solved Assignment (Latest)
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IGNOU BSKC-106 (January 2026 – July 2026) Assignment Questions
1. संस्कृत काव्यशास्त्र की उत्पत्ति और विकास पर प्रकाश डालें ।
अथवा
दृश्य, श्रव्य एवं मिश्र (चम्पू) का विस्तार से वर्णन करें।
2. काव्यप्रकाश के अनुसार लक्षणा शब्दशक्ति का विशद् विवेचन करें।
अथवा
मम्मट के काव्य लक्षण का विस्तार से वर्णन करें।
3. साहित्य दर्पण के अनुसार खण्डकाव्य, का वर्णन करें ।
अथवा
मम्मट के अनुसार काव्य हेतु का वर्णन करें ।
4. भट्टलोल्लट के उत्पत्तिवाद विवेचन का करें ।
अथवा
अन्विताभिधानवाद का वर्णन करें
5. विभावना अथवा अफहुति अलंकार का लक्षण बताते हुए उदारण को स्पष्ट कीजिए।
6. निम्नलिखित श्लोक में कौन-सा अलंकार है लक्षण बताते हुए स्पष्ट कीजिए।
स्वप्नेषु समरेषु त्वां विजयश्रीनर्मुचित ।
प्रभावप्रभवं कान्तं स्वाधीनपितका यथा ।।
अथवा
त्विय दृष्ट एव तस्या निर्वाति मनोभव जवलितम।
आलोके हि हिमांशोर्विकसति कुसुमं कुमुद्वत्याः ||
7. उपजाति अथवा सग्धरा छंद का लक्षण देते हुए उसके उदाहरण श्लोक का स्पष्टीकरण लिखिए।
8. निम्नलिखित श्लोक में कौन-सा छंद है उसका लक्षण बताते हुए स्पष्टीकरण दीजिए:
वागार्थाविव सम्पृक्तौ वागार्थप्रतिपत्तये ।
जगतः पतरौ वन्दे पार्वतीपरमेश्वरौ ।।
अथवा
जातं वंशे भुवनविदिते पुष्करावर्तकानां
जानामि त्वां प्रकृतिपुरुषं कामरूपं मघोनः।
तेनार्थित्वं त्वयि विधिवशाद्दूरबन्धुर्गतोऽहं
यांचामोघा वरमधिगुणे नाधमे लब्धकामा ।।
IGNOU BSKC-106 (July 2025 – January 2026) Assignment Questions
1. काव्यशास्त्र के अभिप्राय एवं स्वरुप पर प्रकाश डालें ।
अथवा
गद्यकाव्य के भेदों का विस्तार से वर्णन करें।
2. काव्यप्रकाश के अनुसार व्यंजना शब्दशक्ति का विशद विवेचन करें।
अथवा
मम्मट के काव्य हेतु का विस्तार से वर्णन करें।
3. साहित्य दर्पण के अनुसार महाकाव्य का वर्णन करें ।
अथवा
मम्मट के अनुसार काव्यप्रयोजन को स्पष्ट करें।
4. रससूत्र का विवेचन करें ।
अथवा
अभिहितान्यययाद का वर्णन करें
5. अर्थान्तरन्यास अथवा उत्प्रेक्षा अलंकार का लक्षण बताते हुए उदारण को स्पष्ट कीजिए।
6. निम्नलिखित श्लोक में कौन-सा अलंकार है लक्षण बताते हुए स्पष्ट कीजिए।
कमलमनम्भसि कमलेच कुवलयेतानि कनकलतिकायाम।
सा च सुकुमारसुभगेत्युत्पातपरम्परा कंयम् ।।
अथवा
ज्योत्स्नाभरमच्छुरणधवलाविभ्रतीत्तारकास्थी-
न्यन्तर्धानव्यसनरसिका रात्रिकापालिकीयम।
द्वीपाद द्वीपं अमति दधती चन्दमुताकपाले
न्यस्तं सिद्धाञजनपरिमलं लाञ्छनस्य च्छलेन ।।
7. आर्या अथवा मालिनी छंद का लक्षण देते हुए उसके उत्ताहरण श्लोक का स्पष्टीकरण लिखिए।
8. निम्नलिखित श्लोक में कौन-सा छत है उसका लक्षण बताते हुए स्पष्टीकरण दीजिएः
अर्थों हि कन्या परकीय एव।
तामहा संप्रेष्य परिग्रहीतः ।
जाती ममायं विशदः प्रकामम।
प्रत्यर्पितन्यास इवान्तरात्मा ।।
अथवा
पातुं न प्रथमं व्यवस्यति जलं युष्मास्यपीतेषु या
नादत्ते प्रियमण्डनाऽपि भवतां स्नेहेन या पल्लवम्।
आधे वः कुसुमप्रसूतिसमये यस्या भवत्युत्सवः
सेयं याति शकुन्तला पतिगृढं सर्वैरनुज्ञायताम् ।।
BSKC-106 Assignments Details
| University | : | IGNOU (Indira Gandhi National Open University) |
| Title | : | Kavyashastr aur Sahityik Aalochana |
| Language(s) | : | Sanskrit |
| Code | : | BSKC-106 |
| Degree | : | |
| Subject | : | Sanskrit |
| Course | : | Core Courses (CC) |
| Author | : | Gullybaba.com Panel |
| Publisher | : | Gullybaba Publishing House Pvt. Ltd. |




