IGNOU MHD-19 Hindi Dalit Sahitya ka vikaas - IGNOU Solved Assignment (Latest)
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IGNOU MHD-19 (July 2025 – January 2026) Assignment Questions
1. निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं दो की लगभग 200 शब्दों में संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए
(क) चाहे संकीर्ण कहो या पूर्वाग्रही
मैं जिस टीस को बरसो बरस सहता रहा हूं
अपनी त्वचा पर सुई की चुभन जैसे,
उसका स्वाद है एक बार चखकर देखो
हिल जाएगा पाँव तले जमीन का टुकड़ा।
(ख) बाहर पुलिस की पदचापों से धरती गूंजती
और भीतर उसका दिल दहलता है
पुलिस के बूट, रौंदते जमीन को नहीं.
उसकी छाती को रौंदाते हैं।
जैसे एक सच जो परसों रात उसने देखा था।
(ग) मेरे और तुम्हारे बीच एक रेतीला दूह है
जो किसी अंधड़ का इंतजार करने से पहले
किसी भी वक्त फट सकता है।
जिसके गर्भ से निकलेंगे गणना में लिप्त कुटिल शब्द
जिन्हें जलना होगा भक्ति भट्टी में
रोटी की महक में बदलने के लिए।
(घ) कोई भी कर सकता है तुम्हारा वध
ले सकता है बेगार
तुम्हारी स्त्री, बहिन और पुत्री के साथ कर सकता है बलात्कार
जला सकता है घर बार।
तब तुम्हारी निष्ठा क्या होती ?
(ड) बंद किले के बाहर झाँक कर तो देखो
बर्फ पिघल रही है बछड़े मार रहे हैं फुर्री
बैल धूप चबा रहे हैं और
एकलव्य पुराने जंग लगे तीरों को आग में तपा रहा है।
2. निम्नलिखित गद्याशों में से किन्हीं दो की लगभग 200 शब्दों में सप्रसंग व्याख्या कीजिए :
(क) “तुम लोग जमीन की टुकड़े की बात करते हों,
मुझे तो लगता है जैसे हम गरीबों की बहू
बेटियाँ उनकी शामिलात हों भइये ने बापू की बात बीच में काटते हुए
जैसे किसी रहस्य की ओर संकेत किया।”
(ख) कण्डक्टर का तोन्दियल शरीर कपड़े फाड़कर
बाहर आने को छटपटा रहा था। बनैले सुअर
की तरह उसके चेहरे पर पान से रंगें दॉत,
उसकी भव्यता में इजाफा कर रहे थे। सुदीप
को लगा जंगली सुअर बस की भीड़ में घुस आया है।
उसने सहमकर सह यात्री को देखा,
जो निरपेक्ष भाव से अपने ख्यालों में गुम था।
ग) ‘तभी तो यह हाय तौबा मची है। कोई छोटे-बड़े का भेद नहीं।
पहले इन्हें ससुरों की परछाई से दूर रह जाता था।
अलग खाना, अलग पीना। अब तो छोटे ठाकुर, सुना है
शहरों के होटलों में एक ही कप में सभी चाय पीवै हैं।
बड़ा अन्याय, सारा धरम ही चौपट हो गया।
3. निम्नलिखित विषयों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 300 शब्दों में टिप्पणी कीजिए
(क)’अपने-अपने पिंजरे’ की सरोकारों को स्पष्ट कीजिए ?
(ख) दलित स्त्री आत्मकथाओं की विशेषताएं निरूपित कीजिए ?
(ग) जूठन की कथावस्तु का विवेचन कीजिए ?
(घ) हिंन्दी की प्रमुख दलित आत्मकथाओं का विश्लेषण कीजिए ?
(ड) दलित आत्मकथाओं की मुख्य विशेष विशेषताएं क्या है ?
(च) दलित कहानी की सोद्देश्यता पर विचार कीजिए ?
4. निम्नलिखित विषयों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 300 शब्दों में लिखिए :
(क) कहानी का शीर्षक ‘वैतरणी’ क्यों रखा गया है।
(ख) शमशान घाट बस्ती की तात्कालिक समस्याएं क्या है।
(ग) ‘जनपद कविता’ की जन सामान्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए सत्ता केन्द्रों की आलोचना के कारणों पर विस्तार से टिप्पणी लिखिए।
(घ) मुक्ति की चेतना के विस्तार को कहानी के माध्यम से प्रस्तुत कीजिए
(ङ) आधुनिकता ने भारतीय समाज पर किस तरह का असर डाला है ?
IGNOU MHD-19 (July 2024 – January 2025) Assignment Questions
1. निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं दो की लगभग 200 शब्दों में संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए:
(क) यदि, तुम्हें पहुँचना है
इस महक तक
अपने कापुरुष से कहो
भय छोड़कर बाहर आये
जैसे छत पर आती है धूप
(ख) समाज का ठेकेदार बनकर
रखा है मुझे दूर आज तक
मन्दिर की दहलीज तक से
शून्य से उत्पन्न
अपात्र ठहराकर ।
(ग) हाँ-हाँ मैं नकारता हूँ
ईश्वर के अस्तित्व को
संसार के मूल में उसके कृतित्व को
विकास प्रक्रिया में उसके स्वत्व को
प्रकृति के संचरण नियम में
उसके वर्चस्व को
(घ) हाँ-हाँ मैं पुजारी बनना चाहता हूँ
देव दर्शन के लिए नहीं
पूजन-अर्चन के लिए कि
देव – मूर्ति के सानिध्य में रहकर
एक मानव कैसे बन जाता है।
पाषाण – हृदय अमानव?
(ड) हम जानते हैं
हमारा सब कुछ
लगता है तुम्हें।
हमारी बगल में खड़ा होने पर
कद घटा है तुम्हारा
और बराबर खड़ा देख
भवें तन जाती हैं।
2. निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की लगभग 200 शब्दों में सप्रसंग व्याख्या कीजिए :
(क) चारों तरफ गंदगी भरी होती थी। ऐसी दुर्गंध कि मिनट भर में साँस घुट जाए। तंग गलियों में घूमते सूअर, नंग-धड़ंग बच्चे, कुत्ते, रोजमर्रा के झगड़े, बस यह था वह वातावरण जिसमें बचपन बीता। इस माहौल में यदि वर्ण-व्यवस्था को आदर्श व्यवस्था कहने वालों को दो-चार दिन बकौल लेखक ‘मेरे जन्म राय बदल जाएगी।”
(ख) उसका कतरा-कतरा जल गया था। आग में मिलकर वह मुझसे परिवार से सारी दुनिया से अलग हो गयी थी। माँ की मृत्यु का अहसास मुझे उस समय कहाँ भला? होता भी कैसे? जमीन पर घिसटने वाला शिशु था तब मैं पीछे रह गया था, ठूंठ-सा बाप बिना टहनी – पत्तों का ऐसा दरख्त जिसके सीने में कोपले नहीं खिलतीं। यूं मेरे भाई भी थे और बहिन भी, पर प्यार से अधिक कहीं उनमें सहानुभूति थी। बस्ती में कुछ औरतें मुझे ‘बिना माँ का बच्चा’ कहकर पुकारती दुलारती थी।
(ग) सूअर चर रहा है सूअर कहाँ चरता है? कूड़े के ढेर में गंदगी में ये चीजें डोम बस्ती की दुनिया का अंग है। कुत्ता आदमी का वफादार, उनकी उपस्थिति को सहन नहीं करता है, भौंक कर अपनी नापसंदगी जाहिर कर रहा है। आभिजात्य समाज की सभ्य दुनिया में तो आदमी अपनी कॉलोनी, अपनी जगह में पशु अपनी जगह पशुशाला में रहता है, लेकिन डोम समाज की बस्ती में सभ्यता के ये तौर-तरीके आपस में गुडमुड हो गए हैं। आदमी, कुत्ता, सुअर सभी इकट्ठे ही हैं, एक दूसरे के साथ, एक-दूसरे को बर्दास्त करते हुए जी रहे हैं।
3. निम्नलिखित विषयों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 300 शब्दों में टिप्पणी कीजिए :
(क) मुक्ति की चेतना के विस्तार को कहानी के माध्यम से प्रस्तुत कीजिए ।
(ख) ‘आवाजें कहानी की मूल संवेदना लिखिए ।
(ग) आमने-सामने’ कहानी में किस मुद्दे को उठाया गया है।
(घ) ‘जूठन’ के सरोकारों को स्पष्ट कीजिए ।
(ड़) दलित मजदूर स्त्री शोषण की त्रासदी पर प्रकाश डालिए ।
(च) ‘अंगारा’ कहानी में अभिव्यक्त दलित चेतना को स्पष्ट कीजिए ।
4. निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो के उत्तर लगभग 300 शब्दों में लिखिए:
(क) ‘वैतरणी’ कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए ।
(ख) सुमंगली कहानी के आधार पर दलित स्त्री के तिहरे शोषण की समीक्षा कीजिए ।
(ग) दलित आत्मकथनों में व्यक्त धार्मिक विश्वासों की समीक्षा कीजिए ।
(घ) हिन्दी साहित्य में आत्मकथन की परंपरा का विवेचन कीजिए ।
(ड़) दलित कहानी के सौंदर्यशास्त्रीय प्रतिमानों पर प्रकाश डालिए ।
MHD-19 Assignments Details
| University | : | IGNOU (Indira Gandhi National Open University) |
| Title | : | Hindi Dalit Sahitya ka vikaas |
| Language(s) | : | Hindi |
| Code | : | MHD-19 |
| Degree | : | |
| Subject | : | Hindi |
| Course | : | Optional Courses |
| Author | : | Gullybaba.com Panel |
| Publisher | : | Gullybaba Publishing House Pvt. Ltd. |




