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IGNOU MSKE-09 (July 2025 – January 2026) Assignment Questions
खण्ड-1
1. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं छः प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिएः
1. अथर्ववेद की प्रमुख शाखाओं का वर्णन करें।
2. वैदिक साहित्य में कितने प्रकार के वेद बताए गए हैं।
3. अथर्ववेद के सामाजिक व्यवस्था, राजनैतिक व्यवस्था का वर्णन करें।
4. वेदों की अपौरूषयता और नित्यता पर प्रकाश डालें।
5. वेद का अर्थ स्पष्ट करते हुए वेदों के प्रकार पर प्रकाश डालें।
6. वेदों में वर्णित काव्ययात्मक सौन्दर्य को स्पष्ट करें।
7. मति शब्द के रूढ़ लिखिए।
8. वेदकालीन भौगोलिक जीवन का वर्णन करें।
9. ऋग्वेद संहिता को स्पष्ट करते हुए उसका काल निर्धारण बताएं।
10. वेदों का प्रयोजन क्या है? स्पष्ट करें।
खण्ड-2
2. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए :
11. शुची ते चक्रे यात्या व्यानो अक्ष आहतः ।
अनो मनस्मयं सूर्यारोहत्प्रयती पतिम् ।।
12. तच्चक्षुर्देवहितं पुरस्ताच्छुक्रमुच्चरत् । पश्येम शरदः शतः जीवेम शरदः शतं
शृणुयाम शरदः शतं प्रब्रवाम शरदः शतमदीनाः स्याम शरदः शतं भूयश्च शरदः शतात् ।।
13. उच्चा ते जातमन्धसो दिवि सद्भूम्या ददे उग्रं शर्म महि श्रवः।
14. तेनेषितं तेन जातं तदु तस्मिन् प्रतिष्ठितम् ।
कालो ह बह्य भूत्वा बिभर्ति परमेष्ठिनम् ।।
15. यस्य पूर्व पूर्वजना विचत्रिरे यस्याँ देवा असुरानभ्यवर्तयन्।
ग्वामश्वानां वयसश्च विष्ठा भग वचः पृथिवी नो दधातु ।।
16. असंबाधं मध्यतो मानवानां यस्या उद्वतः प्रवतः समं बहु।
नानावीर्य ओषधीर्या विभर्ति पृथिवी नः प्रथतां राध्यतां नः ।।
IGNOU MSKE-09 (July 2024 – January 2025) Assignment Questions
खण्ड – 1
1. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं छः प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए:
1. ऋग्वेद का धर्म और उसकी विशेषता को स्पष्ट करते हुए ऋग्वेद के मुख्य सूक्त का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
2. वेदों के व्याख्याकार एवं उनके प्रमुख प्रतिपाद्य विषयों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
3. वेदों में वर्णित काव्यात्मक सौन्दर्य का विस्तृत रूप से वर्णन करें।
4. वैदिककालीन राजनीतिक एवं आर्थिक जीवन पर विस्तृत रूप से लिखें ।
5. वेदों की अपौरुषयता पर विस्तृत रूप से लिखें ।
6. अथर्वेद संहिता को स्पष्ट करते हुए उसके प्रतिपाद्य विषय पर प्रकाश डालें ।
7. वेदों में वर्णित दार्शनिक एवं वैज्ञानिक चिंतन पर प्रकाश डालें ।
8. वैदिक शब्द रूप के नियमों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
9. पृथ्वीसुक्त और भूमिसुक्त की विषयवस्तु का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
10. ऋग्वेद के प्रतिपाद्य विषयों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
खण्ड – 2
2. निम्नलिखित मंत्रों में से किन्हीं चार की व्याख्या करें।
1. मा१नो वधाय हत्नवे जिहीळानस्य रीरधः ।
मा हृणानस्य मन्यवे ।।
2. व्युषा आवः पथ्या३ जनानां पंच क्षितीर् मानुषीर, बोधयन्ती ।
सुसंदृग्भिर् उक्षभिर् भानुम् अभेद वि सूर्यो रोदसी चक्षसावः ।।
3. दृते दृ ह मा मित्रस्य मा चक्षुषा सर्वाणि भूतानि समीक्षन्ताम् ।
मित्रस्याहं चक्षुषा सर्वाणि भूतानि समीक्षे मित्रस्य चक्षुषा समीक्षामहे ।।
4. परि प्रिया दिवः कविर्वयांसि नप्त्योर्हितः ।
स्वानैर्याति कविक्रतुः ।।
5. स एव सं भुवनान्याभरत् स एव सं भुवनानि पर्येत् ।
पिता सन्नभवत् पुत्र एषां तस्माद्वै नान्यत् परमस्ति तेजः ।।
6. शं नः सत्यस्य पतयो भवन्तु शं नो अर्वन्तः शम् उ सन्तु गावः ।
शं न ऋभवः सुकृतः सुहस्ताः शं नो भवन्तु पितरो हवेषु ।




