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IGNOU MVS-04 (July 2025 – January 2026) Assignment Questions
खण्ड-1
निर्देश- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्ही चार प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए :
1. निरुक्त के आधार पर छः भाव विकारों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
2. निर्वचन की भारतीय परम्परा पर प्रकाश डालिए।
3. सिद्ध कीजिए की भाषा विज्ञान के मूल के मूल सिद्धान्त निरुक्त में पाए जाते हैं।
4 यास्क के अनुसार देवताओं के स्वरूप का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
5. मन्त्रों के प्रतिपाद्य पर प्रकाश डालिए।
6. निरुक्त के आधार पर चार पद और वेद की अर्थवत्ता का वर्णन कीजिए।
खण्ड-2
निर्देशः अधोलिखित प्रश्नों में से किन्ही चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. अंतरिक्ष स्थानीय देवताओं का स्वरूप लिखिए।
2. ऋग्वेद प्रातिशाख्य के अनुसार संज्ञाओं पर प्रकाश डालिए।
3. ऋग्वेद प्रातिशाख्य के अनुसार परिभाषाओं का वर्णन कीजिए।
4. देवता आकार चिन्तन का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
5. बृहद्देवता का संक्षेप में परिचय लिखिए।
6. उदात्त तथा अनुदात्त स्वरों का सोदाहरण वर्णन कीजिए।
7. मन्त्रों के विविध प्रतिपाद्य संक्षेप में लिखिए।
IGNOU MVS-04 (July 2024 – January 2025) Assignment Questions
खण्ड-1
निर्देश- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्ही चार प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दीजिए:
1. निरुक्त के आधार पर छः भाव विकारों का विस्तार से वर्णन कीजिए ।
2. निरुक्त के आधार पर चार पद और वेद की अर्थवत्ता का वर्णन कीजिए।
3. मन्त्रों के प्रतिपाद्य पर प्रकाश डालिए ।
4. सिद्ध कीजिए की भाषा विज्ञान के मूल के मूल सिद्धान्त निरुक्त में पाए जाते हैं
5. यास्क के अनुसार देवताओं के स्वरूप का संक्षेप में वर्णन कीजिए ।
6. निर्वचन की भारतीय परम्परा पर प्रकाश डालिए ।
खण्ड-2
निर्देश: अधोलिखित प्रश्नों में से किन्ही चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।
1. मन्त्रों के विविध प्रतिपाद्य संक्षेप में लिखिए ।
2. अंतरिक्ष स्थानीय देवताओं का स्वरूप लिखिए।
3. ऋग्वेद प्रातिशाख्य के अनुसार परिभाषाओं का वर्णन कीजिए।
4. देवता आकार चिन्तन का संक्षिप्त वर्णन कीजिए ।
5. उदात्त तथा अनुदात्त स्वरों का सोदाहरण वर्णन कीजिए ।
6. ऋग्वेद प्रातिशाख्य के अनुसार संज्ञाओं पर प्रकाश डालिए।
7. बृहदेवता का संक्षेप में परिचय लिखिए ।




